
शंकर शाह और रघुनाथ शाह गोंडवाना के वीर पिता-पुत्र और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेज़ी शासन के खिलाफ संघर्ष किया और लोगों को स्वतंत्रता के लिए प्रेरित किया। अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर 18 सितंबर 1857 को जबलपुर में तोप के मुँह से बाँधकर शहीद कर दिया। उन्हें मध्य प्रदेश के प्रमुख आदिवासी जननायकों के रूप में याद किया जाता है।।
